अयोध्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर की गई अपील के बाद नगर निगम उपयोग को नियंत्रित करते हुए ईधन की खपत में 10 प्रतिशत की कमी लाएगा। इसके लिए महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी एवं नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के बीच चर्चा के बाद विभागाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। नगर निगम के पास अभी 20 इलेक्टिक चलित कूडा वाहन तथा 5 अधिकारियों को ईवी कार एलॉट की गई है।अयोध्या नगर निगम ने डीजल की बढ़ती खपत और ईंधन खर्च को कम करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत नगर निगम ने कर्मचारियों और अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्यालयों में जनरेटर का उपयोग भी सीमित किया जाएगा, ताकि अनावश्यक रूप से डीजल की खपत न हो। नगर निगम का मानना है कि इस कदम से न केवल आर्थिक बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी एवं नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कर्मचारी निजी और सरकारी वाहनों का कम से कम उपयोग करें। कर्मचारियों को बस, ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक साधनों से कार्यालय आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा पार्षदों और अधिकारियों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
नगर निगम के अनुसार, कई बार बिजली की मामूली कटौती के दौरान भी लंबे समय तक जनरेटर चलाए जाते थे, जिससे बड़ी मात्रा में डीजल खर्च होता था। अब जनरेटर केवल अत्यधिक आवश्यकता पड़ने पर ही संचालित किए जाएंगे। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
यह पहल “स्वच्छ और हरित अयोध्या” अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। नगर निगम का उद्देश्य लोगों में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस प्रयास से दूसरे विभाग और नागरिक भी प्रेरित होंगे।

